मसूरी उत्तराखंड
पहाड़ों की रानी मसूरी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए किए गए नगर पालिका के एक फैसले ने अब नई परेशानी खड़ी कर दी है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी होने के कारण वीकेंड और पर्यटन सीजन में यहां भारी भीड़ रहती है। पार्किंग की कमी और बढ़ते वाहनों के कारण स्थानीय लोगों व पर्यटकों को अक्सर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।
शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र लाइब्रेरी चौक माना जाता है, जहां से जॉर्ज एवरेस्ट, बुद्ध मंदिर, कंपनी गार्डन, केंपटी फॉल के साथ-साथ यमुनोत्री, गंगोत्री, देहरादून और हरिद्वार जाने वाले मार्ग गुजरते हैं। यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा हाल ही में चौक स्थित दुकानों के सामने लोहे की चेन लगाकर लगभग डेढ़ फीट स्थान आरक्षित कर दिया गया।
नगर पालिका का उद्देश्य दुकानों के आगे स्कूटी और दोपहिया वाहनों की पार्किंग रोकना था, लेकिन इसका उल्टा असर देखने को मिल रहा है। पहले जहां वाहन दुकानों के सामने लगते थे, अब वे चेन के बाहर सड़क पर खड़े हो रहे हैं। इससे सड़क की चौड़ाई और कम हो गई है तथा चौक पर जाम की स्थिति और गंभीर हो गई है। यातायात व्यवस्था संभालने में पुलिस प्रशासन को भी अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि दुकानों के आगे दोपहिया वाहनों की पार्किंग रोकने के लिए उपजिलाधिकारी के निर्देश पर चेन लगाई गई थी। हालांकि, इसके बावजूद मौके पर तीन-तीन और चार-चार कतारों में वाहन खड़े हो रहे हैं, जिससे समस्या बनी हुई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस व्यवस्था में आगे कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं। वहीं स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या नगर पालिका जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन किए बिना ही ऐसे निर्णय ले रही है। इस व्यवस्था का खामियाजा स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और सबसे अधिक पुलिस प्रशासन को भुगतना पड़ रहा ।
देखिए उत्तराखंड संवाद के लिए मसूरी से वरिष्ठ संवादाता नितेश उनियाल की यह खास रिपोर्ट।
