भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा मसूरी के द्वारा धूमधाम से मनाया गया हरेला तीज का कार्यक्रम
हरेला तीज शिव-पार्वती से जुड़ी एक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की थी और भगवान शिव ने पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
इसलिए, हरियाली तीज के दिन महिलाएं माता पार्वती की तरह अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रदर्शन करती हैं और उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के प्रेम और एकता का प्रतीक है और शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की याद दिलाता है।
हरियाली तीज के अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं, पूजा-पाठ करती हैं, और अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के प्रेम और एकता का प्रतीक है।
इसके अलावा, हरियाली तीज के दिन महिलाएं मेहंदी, सिंदूर, और अन्य श्रृंगार करती हैं, जो उनकी सुंदरता और सौभाग्य का प्रतीक है। यह त्योहार महिलाओं के लिए अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण का अवसर है।
हरियाली तीज का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य पति-पत्नी के प्रेम और एकता को मजबूत करना है।
इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा मसूरी की अध्यक्षा गीता कुमाई ने कहा कि यह महिलाओ का त्यौहार है और महिलाएं इसे बड़े हर्ष ओर उल्लास के साथ मनाती हैं, साथ ही उन्होंने सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया कि वह इस कार्यक्रम में बढ़- चढ़ कर बरसात के मौसम में भी सभी महिलाएं आई, साथ ही उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने महिलाओं के लिए इतनी योजनाएं और आरक्षण दिया है,
इस मौके पर गीता रावत प्रदेश महासचिव महिला मोर्चा उत्तराखंड ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के विकास और सुरक्षा के लिए कार्य कर रही है और सरकार ने कई आरक्षण महिलाओं के लिए दिए हैं, साथ ही उन्होंने हरेला तीज की पूरे उत्तराखंड की मातृशक्ति को शुभकामनाएं दी.
इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंची जिला अध्यक्ष महानगर देहरादून अर्चना बागड़ी ने कहा कि हरेला तीज शिव पार्वती जी के मिलन के स्वरूप में मनाया जाता है और सभी मातृशक्तियों के जीवन में शिव पार्वती जैसा साथ हमेशा बना रहे, साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जब भी किसी महिला की सालगिरह होती है उस समय पेड़ अवश्य लगाएं ताकि आपके जीवन में सदैव हरियाली बनी रहे.
इस मौके पर कार्यक्रम में आई सभी महिलाओं को अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जिसमें की कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जैसे गायन, नृत्य , कविता, श्रृंगार, इत्यादि,
कार्यक्रम में पहुंची सभी महिलाओं ने नृत्य करके धूमधाम से मनाया हरेला तीज,
