केम्पटी, उत्तराखंड।
स्वच्छ एवं कचरा मुक्त केम्पटी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने ‘स्वच्छ गाँव, सबका योगदान’ अभियान की शुरुआत की है। अभियान का उद्देश्य मकान मालिकों और किरायेदारों को व्यवस्थित कचरा संग्रहण व्यवस्था से जोड़ना, घरों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा समय पर स्वच्छता शुल्क जमा करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
केम्पटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में किरायेदार, विशेषकर अस्थायी एवं कामकाजी कर्मचारी रहते हैं। कई बार काम के समय और कचरा संग्रहण वाहन के निर्धारित समय में तालमेल नहीं होने के कारण किरायेदार अपना कचरा समय पर वाहन को नहीं दे पाते। इससे खुले में कचरा जमा होने, डार्क स्पॉट बनने और ड्राई वेस्ट स्टोरेज यूनिट में सूखे कचरे के साथ मिश्रित कचरा जमा होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
अभियान के तहत मकान मालिकों को अपने साथ-साथ अपने किरायेदारों को भी कचरा संग्रहण व्यवस्था में पंजीकृत कराने और नियमित रूप से स्वच्छता शुल्क जमा कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं, किरायेदारों को स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण करने, निर्धारित समय पर कचरा संग्रहण वाहन को कचरा सौंपने तथा स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
अभियान में ग्राम पंचायत, स्वच्छता समिति के सक्रिय सदस्य, मकान मालिक, किरायेदार और वेस्ट वॉरियर्स संस्था संयुक्त रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इसके तहत मकान मालिकों एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ जागरूकता बैठकें, फोकस ग्रुप डिस्कशन, घर-घर संपर्क और किरायेदारों के साथ विशेष संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। काम के कारण दिन में उपलब्ध नहीं रहने वाले किरायेदारों तक पहुंचने के लिए शाम के समय भी संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत अब तक 42 मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों की जिम्मेदारी लेने के लिए स्वेच्छा से नामांकन कराया है। इसके अलावा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, व्यापार मंडल अध्यक्ष, पूर्व प्रधान, वार्ड सदस्य और स्वच्छता समिति के सक्रिय सदस्यों के साथ बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं।
सामुदायिक भागीदारी और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए मकान मालिकों द्वारा अपने किरायेदारों के पंजीकरण और स्वच्छता शुल्क जमा कराने की प्रगति को भी ट्रैक किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले मकान मालिकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने के साथ ‘जिम्मेदार मकान मालिक’ प्रमाण-पत्र देने का प्रस्ताव रखा गया है। उत्कृष्ट संपत्तियों को ‘गौरव गृह’ के रूप में सम्मानित किए जाने की भी योजना है।
अभियान का संदेश स्पष्ट है कि स्वच्छता केवल ग्राम पंचायत या कचरा संग्रहण कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक मकान मालिक और किरायेदार की साझा जिम्मेदारी है। मकान मालिक जब अपने किरायेदारों को स्वच्छता व्यवस्था से जोड़ेंगे और समय पर स्वच्छता शुल्क जमा करेंगे, तो नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र में कचरे से बनने वाले डार्क स्पॉट को कम करने में भी मदद मिलेगी।
